देश के मौजूदा हालात पर एक नजर : मो० सलमान राईन

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 Salman Rayeen


पिछले साल NRC-CAA आंदोलन में हमारी मां बहने बूढ़े बच्चे इसी तरह कड़कड़ाती ठंड के मौसम में डटे हुए थे और रो विलक रहे थे, और न जाने कितने युवा, पत्रकार, बुद्धिजीवी अभी फर्जी मुकदमा में जेल के सलाखों के पीछे है, 
सो कॉल्ड सेक्युलर गैंग एकदम चुप्पी लगाए तमाशाई बने हुए हैं, क्योंकि इन सेक्युलर लिबरल गैंग को केवल मुसलमानों के भीड़ से नेता बनना है और जब इन्ही मुसलमानों को जरूरत पड़ती है यही सो कॉल्ड नेता सेक्युलर गैंग के हलक से उफ्फ तक नही निकलता है । 

आज हमारे अन्नदाता को इस कपकपाती ठंड में रोते विलकते देख बेहद असहज महसूस कर रहा हूँ, मन विचलित हो रहा है, कल हम रोये थे आज किसान रो रहे हैं अगला आपका बारी आएगा इसी तरह सिलसिला चलता रहेगा क्योंकि देश के आधे आवादी को लगता है कि यह कानून केवल मुसलमानों का है, और जो आज दिल्ली के सड़कों पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं कुछ लोगो को  लगता है कि यह कानून सिर्फ किसानों या सिखों के लिए है, ऐसा बिल्कुल नही है यह लड़ाई हमारी और आपकीं हम सबकी लड़ाई व आने वाले भविष्य सुनहरा हो उसके लिए है न कि किसी एक विशेष जात, धर्म, समुदाय के लिए हैं।
आज लोकतंत्र का इस तरह से नँगा नाच किया जा रहा है कि अगर आम जनता किसान मजदूर चाहे वह देश के मुसलमान या अन्नदाता ही क्यों न हो भूल से भी सरकार के गलत फैसले का विरोध करते हैं हैं तो उन्हें कभी आतंकवादी, नक्सली, खलिस्तानी, या फिर पाकिस्तानी के नाम का तमगा दे दिया जाता है और उस आंदोलन को भंग करने की कोशिश किया जाता है। 

मौजूदा सरकार हिंदुत्व की आढ़ में संविधान व लोकतंत्र का खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है तो वही दूसरे तरफ़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया जो देश का चौथा स्तम्भ कहलाता है वह भी सरकार के हाथ किलो के भाव मे बिक चुके हैं और बचे-कूचे जो मीडिया है वह गोलमोल बाते बोलकर दोनों तरफ बैटिंग करके निकल जाते हैं । इसी तरह से लगातार जनता को बहुत आसानी से मूर्ख बनाया जाता है। 
देश के बहुसंख्यक का एक तबका ऐसा हैं जो सरकार के साथ जश्न मना रहे हैं, जबकि अधिकतर कहा गया है कि आम जनता को हमेसा से सरकार के विपक्ष में रहना चाहिए लेकिन ऐसा अब सिर्फ सुनने को रह गया है। क्योंकि यह संघी सरकार भी जानती है कि धार्मिक मुद्दे से बड़ा कोई मुद्दा नही हो सकता है।

आप अगर जरा सा भी स्वस्थ, शिक्षा, बेरोजगारी,भुखमरी पर सवाल करने लगे तो सरकार के पास तो यह सब सवाल के जवाब होंगे नही इसलिए भोली-भाली जनता को धर्म का नशा चटा के इन सब मुद्दों से काफी महरूम रखें हुए हैं।

यही तो वर्तमान सरकार की मन्सा है  और वे मनसे में सफल भी नजर आरही है, क्योकि जब इलेक्शन करीब आता हैं तो सरहद पर हमारे जवानों को फर्जी मुठभेड़ में शहीद करवा देते हैं क्योंकि इस मनुवादी सरकार को सत्ता के इलावा और कुछ भी प्यारा नही है। 

लेखक ~ मो सलमान राईन

नोट  :  यह लेखक के अपने विचार हैं 

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