शहीद मकबूल शेरवानी की जीवनी | The History Of Maqbool Sherwani By Faisal Farooqi

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The LIfe Story of Maqbool Sherwani

वेसे तो भारत एक प्राचीन देश है जिसके सीने में बहुत से इतिहास है। चाहे मुगल हो फिर अंग्रेज हो सब का इतिहास भारत से जुडा है और बहुत से किस्से कहानी भी। मगर कुछ इतिहस और योद्धा ऐसे है ना तो जिन्हें कोई जानता है और ना ही उस्का नाम सना है वो आपनी अहुती दे कर भारत माँ की मिट्टी दफन हो गये और भुला दिये गये में आज हम एसे ही एक शख्स और भारत मा के सपूत के बारे मे जानेगे जिनका नाम है "मकबूल शेरवानी " मकबूल शेरवानी वेसे तो इनके बारे मे ज्यादा जानकरी उपलब्द्ध नहीं है मगर उनका जन्म साल 1928 का अनुमान लगया जा सकत है और बताया जाता है की कश्मीर के बारामुला के थे साल 1947 अगस्त 15 को भारत आजाद हुआ और भारत के सीने पर पहला धक्का हिंदुस्तान पाकिस्तान बटवारे का लागा और इस्का असर धरती के जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर पर भी पडा भारत के आजाद होने बाद कश्मीर के महाराजा ने कश्मीर को स्वतंत्र राखने का फैसला लिया मगर पकिस्तान को ये बात ना गवार गुजरी और पकिस्तान ने कब्जा कर लेने के लिये अग्रसर हो गया संकट की स्तिथि देख महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी वहीँ दुसरी तरफ़ पाकिस्तान आगे बढ़ता जा रहा था और बारामुला पहुँच कर पाकिस्तान ने न काफ़ी कत्ले-आम मचाया बल्कि पाकिस्तान का आगला निशना था कश्मीर की राजधानी "श्री नगर" बारामूला से कश्मीर का रस्ता सिर्फ दो घण्टे का है मगर पकिस्तान की सेना और श्री नगर के बीच खडा था "मकबूल शेरवानी" 22 अक्टूबर 1947 ठण्ड का दिन पाकिस्तान श्री नगर के रस्तो से परिचित नही था इस का फ़ायदा उठया मक़बूल शेरवानी ने उन्होने पाकिस्तान की सेना से मिलकर कहा की भारत की सेना श्री नगर तक आ चुकी है और आगे जाना खतरे से खाली नही है। और मक़बूल ने अपने साहस और चतुराई पकिस्तान की सेना को 4 दिन तक बारामुला मे रोक कर रखा 26 अक्टूबर 1947 को कश्मीर के महाराज ने कश्मीर का विलय भारत मे कर दिया अगले दिन भारत की सेना श्री नगर पहुँच गयी और पकिस्तान की सेना को खदेड़ दिया पाकिस्तान अपनी ये हार पचा नही पा रहा था 19 साल के लडके की वजह से वो हार गाये पकिस्तान को आते समय फिर मक़बूल मिला और पकिस्तान ने मकबूल को बंदी बना लिया और 7 नवंबर 1947 को मक़बूल शेरवानी को फंसी दे दी गाई और मक़बूल दुनिया से रुखसत हो गये और अपनी जान की कुर्बानी देने के बाद भी मक़बूल शेरवानी का नाम आज सिर्फ चंद लोग ही जानते है # नोट: - इस ब्लोग को इंटरनेट द्वारा मिली हुई जानकारी से लिखा गया है अगर किसी को कुछ बुरा लगा हो तो उसके लिये हमे खेद है

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