चाइना के उस वक़्त के साम्यवादी नेता की कूटनीतिक राजनीती के कारन ये जो चीन आज खड़ा है उनका बड़ा योगदान रहा है ।
चीन के पूर्व साम्यवादी नेता माओ ने
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन से कहा था 'हमारे पास सस्ते मज़दूर है,आपके पास टेक्नोलॉजी।
हम दोनो इस्क फायदा उठा सकते हैं ।
रिचर्ड निक्सन ने इस प्रस्ताव को मान लिया तब से लेकर आज तक चाइना कहा से कहा निकल गया और आगे आने वाले दुसरे राष्ट्रपतियों ने भी चाइना को आगे बढ़ाने के बारे में ही काम किया है ।
अब अमेरिका के इस वक़्त के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर बहुत सारी पाबंदिया लगा रखी हैं हमारे पास अवसर है लेकिन सरकार के पास समय नहीं है वो तो बस दूसरी पार्टी की सरकार गिराने मे लगी है.
बहुत सारी कंपनिया चीन छोड़कर जा रही है तो हम इस वक़्त दूसरी कंपनिया को बुला सकते हैं वैसे भी हमारे देश में सबसे ज्यादा लोग बेरोजगार है. वैसे भी ट्रम्प से मोदी जी का यराना है.
अगर सही कूटनेतिक राजनिति करेंगे तो कुछ भी संभव हो सकता हैं
लेकिन
हम है जो बना हुआ हैं उसे बेच रहे हैं बनाने के बारे मे सोच भी नहीं रहें और हद तो ये हो गयी है देश का प्रधानमंत्री बोलते हैं आत्मनिर्भर बनो।
सवाल ये पैदा होता है.
सरकार खुद आत्मनिर्भर कियु नहीं बनती फिर टैक्स माफ़ कियु नहीं करती
टैक्स छोड़ो पेट्रोल डीजल पर का ही vat हटा दो.
फिर हम भी आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करेंगे
यह लेखक के अपने विचार हैं
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