अहसास ए वक़्त
जब बच्चा छोटा होता है ओर उस के वालिद जब उस को हाथ पकड़ कर स्कूल ले कर जाते हैं और जब स्कूल में टीचर उस बच्चे पर सख्ती करते हैं तो वो बच्चा अपने वालिद से मना करता है मुझे स्कूल नहीं जाना तब उस बच्चे को ये पता नहीं रहता के ये सब मेरे फायदे के लिए क्या जा रहा है लेकिन जब वो बच्चा बड़ा हो जाता है और उस की भी औलाद होती है ओर वो भी अपने बच्चे को स्कूल लेकर जाता जाता है तो अब उस के बच्चे को ये एहसास नहीं होता के ये मेरे फायदे के लिए क्या जा रहा है
ओर एक दिन वो आता है जब वो बच्चा भी अपने वालिद की तरह अपने वालिद से कहता है मुझे स्कूल नहीं जाना हे क्योंकि अभी उस बच्चे को अहसास नहीं है
बिल्कुल इसी तरह हर इंसान को अपने कीमती वक्त गुजरने के बाद अहसास होता है
बस अफसोस ना करने वाले लोग वो होते हैं जो अपने कीमती वक्त को गनीमत समझते हैं ओर उस को जाय नहीं करते
Behtareen baat
ReplyDeleteJi,bilkul sahi baat hai.hamaein waqt hi waqt ki qeemat batata hai...lekin kabhi kabhi bht dair ho chuki hoti hai.. hamare bade khaskar walidain kabhi hamara bura nhi chahte.Allah hum sab ko waqt ki qadr karne ki taufeeq de.. Aameen
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